रविवार, 31 मार्च 2019

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मेरा वेबसाईट का उद्देश्य क्या है 

आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है इस वेबसाइट पर । इस वेबसाईट के माध्यम से मैं यही कोशिश करूँगा कि आपको एक से एक महत्वपूर्ण जानकारी मिले । मेरा यही प्रयास रहेगा कि कानून के बारे में हर प्रकार का जानकारी आपको मिले ताकि आप अपने अधिकार क्षेत्र को समझे परखे और अपने हक के लिए अपना आवाज को बुलंद करे साथ ही साथ अपना और अपने परिवार का भी रक्षा कर सके ।
आज के समय में हर व्यक्ति से यही अपेक्षा की जाती है कि वो कानून का कुछ बेसिक जानकारी जरूर रखे क्योंकि आज के समय में एक ईमानदार व्यक्ति को खोजना काफी मुश्किल काम है । हर जगह आपको ऐसा ही आदमी मिलेगा जो बाते तो बहुत बनाता है परंतु यदि उसका कोई जरूरत आपको लगे तो तुरंत पीछे हट जाता है । मुझे यहाँ पर एक कहानी याद आ गया है आपसे आग्रह है कि इसे अंत तक जरुर पढ़े।

                               " एक महिला आपना शादी किसी ऐसे लड़का से किया जिसके साथ उस महिला का प्रेम प्रसंग चल रहा था। शादी के समय महिला का उम्र लगभग बीस साल था जबकि लड़का का उम्र पच्चीस साल था । करीब एक साल तक रिश्ता काफी अच्छा रहा परन्तु इसके बाद महिला का सास व ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया क्योंकि एक साल बाद उसका दूसरा लड़का का शादी हुआ जिसमे उसको काफी दान देक्षना व समान मिला इसी के लोभ में आकर उसका सास व ससुर दहेज के लिए प्रताड़ित शुरु कर दिया जो उसका बेटा को बिल्कुल भी अच्छा नही लगता था । कई बार आपना पत्नी का प्रताड़ित देख कर लड़का अपने माता-पिता के साथ भी उलझ जाता था यह घटना करीब छह महीने तक होता रहा । इसके बाद उसका मता पिता अपने बेटे को उस महिला से दुरी बनाकर रखने को कहॉ साथ ही साथ उसका पत्नी को दिनभर में मात्र दो रोटी खाने के लिए दिया जाता था वो भी नमक के साथ यह सब देखकर वो  दोनो अपने लड़का और उसका पत्नी अलग रहने का फैसला किया । एक छोटा किसान परिवार होने के नाते घर में कोई खास समान भी नहीं था साथ ही साथ थोड़ा बहुत घर से खान पान का समान था । उसका पत्नी को दिनभर में खाने के लिए मात्र दो रोटी मिलता था वो भी नमक के साथ जिसके कारण वो काफी कमजोर और बिमार भी हो गई थी यह सब देख उसका अगल बगल भी कोई व्यक्ति मदद नहीं करता था । अब तक उसका शादि को दो साल होने वाला था । एक दिन लड़का ने अपना माता पिता से खुद को अलग होने का बात कहा । ये लड़का दो भाई था और उसका छोटा भाई को अबतक एक बालक भी जन्म लेता है । उसका माता-पिता को उसका बड़ा बेटा का बात सुनकर काफी चोट आया क्योंकि वो अपने आप को अलग रहने का बात कर रहा था । उसी दिन रा में उसका माता-पिता और छोटा बेटा मिलकर उस लड़के का हत्या कर रातों-रात उसका शव को भी विलुप्त कर दिया । इस बात का उसका पत्नी को थोड़ा सा भनक तक नहीं लगने दिया क्योंकि उसका सास-ससुर आपना बेटा को जबर्दस्ती उसके कमड़ा में जाने से मना करता था और मारपीट करता है । यानि रात के समय वो लड़का अपना पत्नी से दूर रहता था जिसके कारण हत्या करना और शव को विलुप्त करना और आसान हो गया था । परन्तु सुबह आपना पति को न देख महिला ने अपना सास-ससुर से पुछा तो पिटाई खाना पड़ा उसके तीन-चार दिन बाद उसका पति यानि जो लड़का का हत्या कर दिया गया था वो अपना पत्नी को रात में सपना दिया और वहाॅ से भागने को कहा महिला रात में ही भागकर अपना माइके पहुंच गया । यदि महिला उस रात नहीं भागती तो उसका भी हत्या कर दिया जाता । अब तक उसका शादी को चार साल हो गया था ये चार साल में उस महिला को वो कोई भी सुख का प्रप्ति नहीं हुआ जो चार दिन में होना था ।महिला अपना माईके जाकर आपबीती सुनाई । इसके बाद उसका माता-पिता,  भिई और आसपास के कुछ लोग के साथ पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करायी गयी । ये शिकायत दर्ज उस महिला के सास-ससुर और देवर के खिलाफ कार्रवाई गई अपना पति के हत्या के आरोप में । जब इस बात का पता इसके सास-ससुर को लगा तो ये लोग भी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाया उस महिला के खिलाफ और शिकायत में लिखाया गया कि उसका बेटा का हत्या नही हुआ है वो आपनी पत्नी के साथ ससुराल गया और वहॉ से ही विलुप्त हो गया है अब मामला काफी गंभीर हो गया और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा । सुप्रीम कोर्ट पहुचने में ये मामला को को करबी बीस वर्ष लग गया गया । और वो महिला जो अपना पति को खो दिया था वो शादी के एक साल बाद से ही बिमारी के चपेट में आ गया था और जिस दिन सुप्रीम कोर्ट में उस महिला का बयान लिया जाता ठीक उससे एक दिन पहले ही उस महिला का स्वर्गवास हो गया यानि मौत हो गया । अब आप ही नीचे कॉमेंट करके बताइये कि क्या उस महिला को न्याय मिला सका? और उसका जिन्दगी कैसा रहा। इसलिए मैं बार-बार आपको बोलता हु कि कानून की जानकारी ही आपकी बचाव कर सकता है ।

मेरा परिचय 

मेरा नाम सम्पत कुमार मेहता है । मैं वर्तमान में LL.B पार्ट 3 का छात्र हू । मुझे पठन-पाठन में काफि रुचि है जिसके कारण मैं काफि समय अपने पठन-पाठन का कार्य में लगा रहता हू। मेरा बड़े भाई व्यवहार न्यायालय में विधिक प्राधिकार में सर्विस करता है जिससे मुझे भी काफि मोटिवेट मिलता है । वैसे तो कानून का भाषा अंग्रेज़ी है लेकिन मैं वीडियो और वेबसाईट को हिन्दी में बनाया हू क्योंकि अभी के समय में ज्यादातर लोग हिन्दी बोलने वाले है, और हिन्दी में कार्य करना राष्ट्र का भी सम्मान है । वेबसाईट पर हिन्दी मे पोस्ट करना मुझे काफ़ी मुश्किल लगता है कुछ ऐसे भी शब्द है जो हिन्दी में वेबसाईट पर लिखने में काफ़ी गलती हो जाता है जिसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हू। मेरा उद्देश्य उन लोगो तक खासकर कानूनी जनकारी पहुँचाना है जो खासकर गरीब है और निशहायत है। जिसका समाज में कोई सुनने वाला नहीं है। आप मेरा वेबसाइट और वीडियो को देखते है शेयर करते और सवाल पुछते है जिससे मुझे काफ़ी खुशी मिलता है। मैं उम्मीद करता हू कि आप अपना प्यार हमेशा मेरे साथ ऐशे ही बनाए रखें क्योंकि बिना आपलोग के मदद से मै खुद कुछ नही कर सकता ।

हमसे संपर्क करे

 यदि आपको कोई समस्या है और कानूनी मदद चाहते है तो आप हमसे संपर्क कर सकते है । मामूली फिस का भुगतान करने पर आपको फोन से कानूनी सहायता दिया जाएगा । जो व्यक्ति काफ़ी गरीब है और फिस का भुगतान करने में असमर्थ है वैसे व्यक्ति को फ्री में सहायता मेरे द्वार दिया जाएगा । इसके लिए आपको मेरा यूट्यूब चैनल "SAMPAT TECHNO" पर जाकर कोई भी वीडियो पे क्लिक करके उसका डिशक्रिपसन मे जाना होगा और वहाॅ पर मेरा इमेल दिया गया है आपको अपना समस्या के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इमेल करना है । इमेल आप अपना ही इमेल से करेंगे तो अच्छा होगा क्योंकि हम आपको उसी इमेल से प्रतिक्रिया देंगे। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद ।

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